नम्रता पिल्लै। (विधा : उद्धरण) (ग्रहण | प्रशंसा पत्र)

नम्रता पिल्लै। (विधा : उद्धरण) (ग्रहण | प्रशंसा पत्र)

78
2
image

नम्रता पिल्लै

सूर्य के तेज़ को भी एक परछाई फीका कर देती है तब सूर्य ग्रहण कहलाता है,वैसे ही जब अपने दग़ा देते है तब रिश्तों पर भी ग्रहण लगजाता है,और ज़िंदगी भर का दुःख देजाता है,एक पल में साथ छूट जाता है,जैसे सूरज भी ग्रहण के समय बेबस हो कर रह जाता है।

नम्रता पिल्लै

2 Comments on “नम्रता पिल्लै। (विधा : उद्धरण) (ग्रहण | प्रशंसा पत्र)

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?