Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content

रीता बधवार। (विधा :- आलेख) (एक पैगाम पिता के नाम | प्रशंसा पत्र)

सबसे पहले अपने जन्मदाता को स्नेह व आदर भरा नमस्कार 🙏🏽पिता का नाम आते ही साधारणतय: हमारे मन में जो छवि उभरती है वह एक कठोर मुखमुद्रावाली शख़्स की होती है।पर मैं दावे के साथ यह कह सकती हूँ कि पिता के अंदर भी प्यार का सागर हिलोरें ले रहा होता है । वह इतना गहरा होता है कि
उसकी थाह लेना हर किसी के बस की बात नहीं।जो भी इस सागर के पानी में गहरे डुबकी लगाता है- अनमोल ख़ज़ाना उसके हाथ आता है ।

यद्यपि अपने गौरवशाली स्नेहमय जनक का साथ, उनकी व्यस्तता के चलते मुझे कम ही मिल पाता था,परंतु जीवन के हर महत्वपूर्ण मोड़ पर निर्णय लेने की स्थिति में मैंनें उन्हें हमेशा अपने साथ खड़ा पाया । जीवन के हर क्षेत्र में उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया।लड़के या लड़की में उन्होंने कभी कोई भेद-भाव नहीं किया ।

अंत में मेरा उनके नाम बस यही संदेश है कि हमेशा की तरह अपना वरद् हस्त हमारे ऊपर बनाये रखें और हमारा मार्गदर्शन करते रहें। हमें उनके स्नेहिल आशीर्वचनों की सदा ही ज़रूरत रहेगी। 🙏🏽

@रीता बधवार

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

0

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?