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कुमार जितेन्द्र ( उत्सव प्रतियोगिता | सम्मान पत्र )

*एक दीया मिट्टी का जलाएँ l दूसरा दीया मन का जलाएँ ll* अन्धकार से प्रकाशित करे l
मिट्टी के दीये प्रज्वलित करे ll ईर्ष्या,द्वेष,अहं से मुक्ति पाए l
मन के दीये की रोशनी पाए ll 1 *एक दीया मिट्टी का जलाएँ l दूसरा दीया मन का जलाएँ ll*
फुटपाथ हाट से दीये खरीदे l बूढ़ी अम्मा को मुस्कुराहट दे ll दिखावटी वस्तुओं से दूरी करे l
स्वदेशी वस्तुओं का क्रय करे ll 2
*एक दीया मिट्टी का जलाएँ l दूसरा दीया मन का जलाएँ ll*
कपड़े व मिठाइयाँ बंटे गरीबों में l चेहरे पर मुस्कुराहट दिखे गरीबों में ll भूखे सोये न कोई इस दीवाली में l
ग़रीबों के घर दीप जले दीवाली में ll 3 *एक दीया मिट्टी का जलाएँ l दूसरा दीया मन का जलाएँ ll*
प्रेम, मित्रता,अपनत्व का भाव रखे l प्रकाश पर्व का भाईचारा रखे ll
आओ इस दीवाली पर एक प्रण ले l कोई अकेला दीप न जले दीवाली में ll 4 *एक दीया मिट्टी का जलाएँ l दूसरा दीया मन का जलाएँ ll*

 

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