सीमा अग्रवाल जैन।(विधा : कविता) (साथी हाथ बढ़ाना | प्रशंसा पत्र)

सीमा अग्रवाल जैन।(विधा : कविता) (साथी हाथ बढ़ाना | प्रशंसा पत्र)

183
(No Ratings Yet)
image

सीमा अग्रवाल जैन

आज करें खुद से ये वादा , कोई वेईमानी न कर दिखलाये,
तुम पुकारो अपने घर से हमें , हम यहाँ खुश हो जाये ,
जीवन भर साथ की ख़ातिर , आओ कुछ दिन दूर हो जाये ,
मिलना बड़ी बात नहीं , मिले रहना बड़ी बात हो जाये ,
गर सक्षम को कुछ करने को , किसी यतीम को खाना ख़िलाओ ,
फिर उसके चहरे की मुस्कराहट से , अपनी मुस्कराहट मिलाओ ,
शौक़ जो दफ़न थे बरसों से , उन्हें जीवित करायें ,
समय मिला है अपनो की ख़ातिर , उसे उपयोग में लाये ,
बच्चों संग बच्चा बन कर , चलो बचपन में लौट आयें ,
माँ – बाप संग बैठे कुछ पल , साँझा करे दुःख – सुख की कथायें,
क्यू डरते हो बुरे वक्त से , मुश्किलें सभी गुजर जाएँगी ,
निवारण सुनिशिचित है सभी का , बस सही रास्ता अपनायें,
एक हाथ तुम आगे करना , एक हाथ हम अपना बढ़ाये,
विपदाये सब दूर करेंगे, देश का उज्जवल भविष्य बनाये ……….

सीमा अग्रवाल जैन

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?