रंजना (जज़्बात) (UBI अक्षय प्रतियोगिता | प्रशंसा पत्र)

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अक्षय ( by-Jazbat)

अक्षय
मिले अनन्त सुख और समृद्धि ,
धन धान्य में हो अतुलित वृद्धि ।
ना कष्ट का हो साया , निरोगी रहे काया ,
ईश्वर की रहे कृपा , साथ बनी रहे माया ।
विचार रहें निर्मल , सदमति हो सन्मुख ,
सुख की रहे छाया , निकट ना आये दुख ।
निर्बाध चले बिना किसी संशय ,
जीवन सभी का हो जाये अक्षय ।
करते ऐसी पूजा , ये ही करते प्रार्थना ,
ईश्वर स्वीकारें ,ऐसी करते कामना ।
किंतु हर इच्छा से पूर्व करें ये संकल्प !
प्रथम स्वयं बने समर्थ ,
याचना करें तब ,जब समक्ष ना हो विकल्प ।

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