नीना राजपाल (UBI धरती माँ प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाणपत्र)

नीना राजपाल (UBI धरती माँ प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाणपत्र)

391
(No Ratings Yet)

धरती यही तो है हम सबकी माँ!
इस जेसा कहाँ दूसरा !
इसकी पनाह मै !
दुिनया पलती है !
जो पल पल रंग बदलती है !
धरती माँ नेअपने सीनेमे !
कि तनेही राज दबा रखे है !
फिर भी इनकी आँखो से !
झर झर आंसू नही बहते है !
कोिकं यह मूक होकर!
सबका दुख सह जाती है !
फिर भी अपनेकांधो पर !
फिर भी अपनेकांधो पर !
दुिनयांका बोझ उठाती है !
नीना राजपाल

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?