निशा तातेड़ (UBI इंद्रधनुष प्रतियोगिता | प्रशंसा पत्र )

निशा तातेड़ (UBI इंद्रधनुष प्रतियोगिता | प्रशंसा पत्र )

365
1
image

निशा तातेड़

एक  अकेला पुष्प  वाटिका की,

 शोभा नहीं बन पाता है ।

बाग अगर फूलो से भरा हो,

तभी चमन कहलाता है ।

वैसे हर रंग खूबसूरत और, 

उनका अपना एक फसाना है, 

पर सातों रंग जब मिले 

तभी  इंद्रधनुष कहलाता है ।

अकेले हम अकेले तुम 

शायद कुछ न कर पाए, 

जो हम तुम मिल जाए

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?