ज्योति थट्टे (अँधेरा प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

ज्योति थट्टे (अँधेरा प्रतियोगिता | सहभागिता प्रमाण पत्र )

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ज्योति थट्टे

फिरता हु मै धरती पर फिर एक बार
कटपुतली हू मै टूटी मेरी डोर बार बार
ठिठूरती हड्डीया धुंधलाती नजर
गलत सही गलत सही मूडती ङगर
रोते मा बाप मरते बच्चे
खुनी सवाल गलत सच्चे
अंधेरो मे खोजा मैने
सायो से पूछा मैने
बोला था कोई जो दिखा नही कभी
मन मे अंधयारा लिए निकले है सभी
कब्रस्तान से गुजरती है राहे चमन की
किस्मत चलती है राह कफन की.

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