मेरी पहली और आखिरी, “वेलेन्टाईन”

मेरी पहली और आखिरी, “वेलेन्टाईन”

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#UBI #Valentinesday

उसे देखा तो
आसमां की याद दिलाती है
चाँद की रौशनी
चेहरे पर नजर आती है

उसके काले केसूओ में
भींगती जाती है रात
रीदायेतीरगी बन जाती है

हवा के झोंके से
खुशबू जो उड़ी बदन से
शायद वही कहीं ना कहीं
रातरानी कहलाती है

कुछ ठहरी हुई तो
कुछ मचलती हुई
मेरी खाबेकायनात
वो बनती जाती है

इतने खयालों से
इक नाम जेहन में आई है
मेरे जीवन की तरुणई की
वो “अनीता” कहलाई है

By Ashwini Rai

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