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मधुरा लडकत ( चक्का जाम प्रतियोगिता)

क्या है यह चक्का जाम?
क्यों होता है चक्का जाम?
क्यों रुकतीं है जिंदगी की रफ़्तार?
चक्र चाहे गाड़ी का हो,
या हो यह जिंदगी का ,
रुकनी न चहीए इसकी की रफ़्तार।
सृजन तब ही मुमकिन है,
जब आगे बढ़े रोज़ व्यवहार।
मन का चक्का जाम हुएं तो,
ठप्प हो रिश्तों के जाल,
व्यवहार भी न बच पाए तब
कैसे सीखें मानव आचार?
मन ही है बुद्धि का स्वामी,
सावधानता बरतें बहुमानी,
अवरोधों को पार करके,
बढ़ा दें आगे चेतना की आरि।

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