Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content

खुशी की तलाश

खुशी , ये बता तू मिलेगी कहाँ
तू छुपी हैं कहाँ
तुझे कहाँ कहाँ नहीं तलाशा
पर मिली मुझे निराशा
ढूंढा तुझे हर गली गली शहर शहर
पर मिलि ना कोई खबर
 
ढूंढा तुझे अपनी हर एक नज़र से
ना जाने छुपी है किधर
आख़िरकार पाया तुझे मन के भीतर
और मैं ढूंढ रही थी तुझे इधर उधर।
 
कितनी अनजान थी मैं , कि समझ ना पायी
इस खुशी कि लहर जो पनप रही थी
मेरे ही मन के ही भीतर
 
आज तक तू आई नहीं मन से बाहर
क्या वजा थी तू शुप के बैठी थी मन के अंदर
 
आज मिली हैं तो अब ना खोऊँगी तुझे
डुबा लूँगी अपने आप को इस खुशी के अंदर।
 
जाने ना दूँगी तुझे अब मैं इधर उधर।
भर दे मेरा जीवन आनंद और उल्लास से
ऐ खुशी कि लहर बसजा अब
मेरे घर और दिल के अंदर।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

 

 

 
 
 
खुशी , ये बता तू मिलेगी कहाँ
तू छुपी हैं कहाँ
तुझे कहाँ कहाँ नहीं तलाशा
पर मिली मुझे निराशा
ढूंढा तुझे हर गली गली शहर शहर
पर मिलि ना कोई खबर
 
ढूंढा तुझे अपनी हर एक नज़र से
ना जाने छुपी है किधर

 

आख़िरकार पाया तुझे मन के भीतर
और मैं ढूंढ रही थी तुझे इधर उधर।
 
कितनी अनजान थी मैं , कि समझ ना पायी इस खुशी कि लहर जो पनप रही थी मेरे ही मन के ही भीतर
 
आज तक तू आई नहीं मन से बाहर
क्या वजा थी तू शुप के बैठी थी मन के अंदर
 
आज मिली हैं तो अब ना खोऊँगी तुझे
डुबा लूँगी अपने आप को इस खुशी के अंदर।
 
जाने ना दूँगी तुझे अब मैं इधर उधर।
भर दे मेरा जीवन आनंद और उल्लास से ऐ खुशी कि लहर बसजा अब मेरे घर और दिल के अंदर।

 

 

 

Sent from my iPhone
 
 
 
 
0

Leave a Comment

Your email address will not be published.

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

×

Hello!

Click on our representatives below to chat on WhatsApp or send us an email to ubi.unitedbyink@gmail.com

× How can I help you?